
स्थान – ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट
ऋषिकेश के गंगानगर क्षेत्र से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। ठगों ने 81 वर्षीय बुजुर्ग को करीब 60 दिनों तक मानसिक रूप से प्रताड़ित कर 69 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


गंगानगर गली नंबर-9 निवासी भगवत नारायण झा (81) और उनकी पत्नी कमल झा (74) ने बताया कि 17 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई।


कॉल करने वाले ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), साइबर क्राइम सेल और सर्वोच्च न्यायालय से जुड़ा अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका आधार नंबर 10 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन से जुड़ा हुआ है। कॉलर ने तत्काल गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती और कारावास की धमकी दी।

इसके बाद ठगों ने बुजुर्ग दंपति को व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी में रखते हुए तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। कॉलर ने उनके आवागमन, बातचीत और दैनिक गतिविधियों पर भी नियंत्रण रखा। इतना ही नहीं, उनकी चार विवाहित बेटियों और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी गईं।

डर और मानसिक दबाव के चलते पीड़ित दंपति ने अपनी एकमात्र भूमि बेचकर 40 लाख रुपये और इसके अतिरिक्त 29 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।

जब उन्हें अपने साथ ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और ठगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

