बर्फ से आंखों को नुकसान की आशंका, डॉक्टरों ने दी सावधानी की सलाह

बर्फ से आंखों को नुकसान की आशंका, डॉक्टरों ने दी सावधानी की सलाह

स्थान – देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

मौसम में बदलाव और पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लंबे समय बाद अच्छी बर्फबारी देखने को मिली है। बर्फबारी से जहां पहाड़ों की खूबसूरती और बढ़ गई है, वहीं बर्फबारी वाले क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।

चकराता, औली, मसूरी सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में पहाड़ सफेद बर्फ की चादर से ढक गए हैं। बर्फ से ढकी वादियों में पर्यटक जमकर बर्फबारी का आनंद ले रहे हैं और प्राकृतिक नजारों को कैमरों में कैद कर रहे हैं।

हालांकि बर्फबारी के इस आनंद के बीच कुछ सावधानियां बरतना भी जरूरी बताया जा रहा है। खासकर आंखों की सुरक्षा को लेकर डॉक्टरों ने सतर्क रहने की सलाह दी है।

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आई स्पेशलिस्ट डॉ. नीरज सारस्वत ने बताया कि जब सूरज की किरणें बर्फ पर पड़ती हैं और वहां से रिफ्लेक्ट होकर आंखों तक पहुंचती हैं, तो इससे आंखों को नुकसान हो सकता है।

डॉ. सारस्वत के अनुसार, बर्फ पर सूर्य किरणों का तीव्र परावर्तन आंखों में जलन, पानी आना, धुंधला दिखना और कुछ मामलों में ‘स्नो ब्लाइंडनेस’ जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकता है।

उन्होंने कहा कि बर्फबारी वाले इलाकों में घूमते समय विशेष प्रकार के सनग्लास या यूवी प्रोटेक्शन वाले ग्लासेस पहनना बेहद जरूरी है, ताकि आंखों को सुरक्षित रखा जा सके।

आई स्पेशलिस्ट ने पर्यटकों को सलाह दी कि बिना सुरक्षा चश्मे के लंबे समय तक बर्फ में न रहें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर पर्यटक बर्फबारी का भरपूर आनंद भी ले सकते हैं और आंखों से जुड़ी समस्याओं से भी सुरक्षित रह सकते हैं।