खटीमा में कांग्रेस का मौन उपवास, शंकराचार्य के अपमान का विरोध

खटीमा में कांग्रेस का मौन उपवास, शंकराचार्य के अपमान का विरोध

स्थान – खटीमा
रिपोर्ट – अशोक सरकार

खटीमा में कांग्रेस पार्टी द्वारा शुक्रवार को प्रयागराज में शाही स्नान के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के साथ हुए कथित अपमानजनक व्यवहार के विरोध में मौन उपवास रखा गया। यह कार्यक्रम खटीमा शनि मंदिर परिसर में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने मौन रहकर सनातन धर्म के प्रति सम्मान और घटना के प्रति विरोध दर्ज कराया।

मौन उपवास के पश्चात विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने कहा कि सनातन धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु शंकराचार्य जी का अपमान पूरे सनातन समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली हैं।

कापड़ी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार एक ओर धर्म का दिखावा कर रही है, जबकि दूसरी ओर सनातन परंपराओं और धर्मगुरुओं का अपमान हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस दोहरे चरित्र को बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी सनातन धर्म की मर्यादा की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करती रहेगी। धर्मगुरुओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

विधायक ने प्रयागराज जैसे पवित्र तीर्थ स्थल पर शंकराचार्य जी के साथ हुई घटना को अत्यंत निंदनीय बताया। उन्होंने मांग की कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में घटना की कड़ी निंदा की। सभी ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की अपील की।

अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म और उसकी परंपराओं का सम्मान हर सरकार की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी।