
स्थान : टिहरी /ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट
भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि विधिविधान के साथ घोषित कर दी गई है। आगामी 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए भगवान बद्रीनाथ के कपाट खोले जाएंगे। कपाट खुलने की तिथि की घोषणा के साथ ही देश-विदेश में फैले श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है।


कपाट खुलने की तिथि का शुभ मुहूर्त टिहरी के नरेंद्र नगर स्थित राजमहल में परंपरागत विधि-विधान के साथ निकाला गया। इस अवसर पर तीर्थ पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर शुभ समय तय किया गया।

परंपरा के अनुसार, बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा नरेंद्र नगर राजमहल में की जाती है। यहां टिहरी रियासत के राजा मनुजयेंद्र शाह की उपस्थिति में यह धार्मिक परंपरा निभाई गई।


इस दौरान पंचांग गणना के आधार पर तीर्थ पुरोहितों ने विभिन्न ग्रह-नक्षत्रों का विचार कर शुभ मुहूर्त तय किया। मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच कपाटोद्घाटन की तिथि की विधिवत घोषणा की गई।

कपाट खुलने की घोषणा के साथ ही चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। प्रशासन, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।


हर वर्ष शीतकाल के दौरान भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद रहने के बाद ग्रीष्मकाल में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाते हैं। कपाट खुलते ही बद्रीनाथ धाम में धार्मिक गतिविधियां और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है।

कपाट खुलने की तिथि घोषित होने पर तीर्थ पुरोहितों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने इसे शुभ संकेत बताते हुए भगवान बद्रीनाथ से देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की है।

