
स्थान – कालाढूंगी
ब्यूरो रिपोर्ट
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर कालाढूंगी स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सनातन संस्कृति की अनुपम झलक देखने को मिली। मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया।


विगत 27 वर्षों से लगातार कालाढूंगी के सामाजिक कार्यकर्ता महेश तिवारी द्वारा निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए निशुल्क सामूहिक जनेऊ संस्कार का आयोजन किया जा रहा है। इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी भव्य आयोजन संपन्न कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान 29 बटुकों का विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जनेऊ संस्कार संपन्न कराया गया। इस धार्मिक आयोजन में कुमाऊँ मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, परिजन और समाजसेवी शामिल हुए।


मंदिर परिसर वेद मंत्रों की गूंज से गूंज उठा, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक हो गया। पुजारियों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से सभी संस्कार संपन्न कराए गए और बटुकों को धर्म एवं संस्कारों का महत्व समझाया गया।

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता महेश तिवारी ने बताया कि अब तक उनके द्वारा एक हजार से अधिक बटुकों का सामूहिक जनेऊ संस्कार कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह निशुल्क है और समाज के सहयोग से लगातार जारी है।


महेश तिवारी ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखना तथा नई पीढ़ी को धर्म, संस्कार और भारतीय मूल्यों से जोड़ना है, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझ सकें और अपनाएं।


कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं ने इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करते हैं। लोगों ने महेश तिवारी के प्रयासों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

