
स्थान – अल्मोड़ा
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, और अल्मोड़ा शहर में भी तेंदुओं का मूवमेंट कई मुहल्लों में देखा जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों में कई लेपर्ड कैद हो चुके हैं, जिससे आम जनता सतर्क और दहशत के साये में जी रही है।


वन्य जीवों के इस मूवमेंट को देखते हुए वन महकमा सक्रिय मोड में आ गया है। सभी जनपदों में वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम के लिए अलर्ट रहने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश वनमहकमे को दिए गए हैं।

वन विभाग ने लोगों को सुरक्षा और जागरूकता के लिए विशेष पहल की है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे तेंदुओं के दिखाई देने पर तुरंत स्थानीय वन अधिकारियों को सूचित करें।


अल्मोड़ा के डीएफओ दीपक सिंह ने बताया कि विभाग इस मामले की सघन मॉनिटरिंग कर रहा है। उन्होंने बताया कि बीते तीन महीनों में 12 लेपर्ड को शहर और आसपास के क्षेत्रों से सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया गया है।
वन विभाग ने कहा कि पिछले सालों के आंकड़ों के अनुसार, अल्मोड़ा के शहरी क्षेत्रों में तेंदुओं का ग्राफ लगातार बढ़ा है, और अब वे घरों और बाजारों के नजदीक भी दिखाई देने लगे हैं।

जैसे टाइगर की गणना की जाती है, उसी तर्ज पर अब लेपर्ड गणना और उनकी गतिविधियों पर विशेष निगरानी की जा रही है। यह कदम वन्य जीव संरक्षण और मानव सुरक्षा दोनों के लिए अहम माना जा रहा है।

वन विभाग ने चेतावनी दी है कि शहरी क्षेत्रों में तेंदुओं के मूवमेंट पर सतर्कता जारी रहेगी और लोगों को आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।

