
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में बापू ग्राम संघर्ष समिति को विभिन्न संगठनों और पदाधिकारियों का समर्थन मिल रहा है। हाल ही में उत्तराखंड विक्रम टेंपो ई-रिक्शा यूनियन महासंघ ने समिति के आंदोलन का खुले तौर पर समर्थन किया है।


वन विभाग ने क्षेत्र के 12 वार्डों को अतिक्रमणकारी घोषित किया है, जिसके विरोध में स्थानीय लोग कई दिनों से आंदोलनरत हैं। इस विवाद को देखते हुए आंदोलन की गंभीरता बढ़ गई है।

उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने अतिक्रमण के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि कई पीढ़ियों से लोग इस इलाके में रह रहे हैं

और उनका न्यायसंगत हित ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष सिर्फ स्थानीय लोगों का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की सामाजिक जिम्मेदारी बन गई है।
सुधीर राय ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया, तो महासंघ समर्थन में एक दिन का चक्का जाम करेगा। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर सम्पूर्ण उत्तराखंड बंद करने का आवाहन किया जाएगा।
उन्होंने सभी नागरिकों और संगठनों से अपील की कि वे समिति के आंदोलन में जनभागीदारी करें और लोगों के न्यायपूर्ण अधिकारों के समर्थन में खड़े हों।


स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यह मुद्दा केवल अतिक्रमण का नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और पीढ़ियों से चली आ रही जीवन शैली की रक्षा का मामला है।
आंदोलन को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और इस मामले में स्थिति पर नजर बनाए रखी है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले को शांति और कानून के अनुसार हल करने के प्रयास जारी हैं।

