
स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट
चारधाम यात्रा 2026 को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद ट्रांजिट कैंप में परोसे गए भोजन को लेकर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खाने की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों और कर्मचारियों को परोसे गए भोजन में कच्चे चावल, बदबूदार सब्जी और संदिग्ध पानी की बोतलें दी गईं।


कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सब्जी से खट्टी दुर्गंध आ रही थी और चावल ठीक से पके हुए नहीं थे। वहीं पानी की बोतलों को नकली बताते हुए उन्होंने इसे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया। खाने की गुणवत्ता को लेकर जब मौके पर मौजूद अधिकारियों से सवाल किए गए तो वे स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए।


इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तत्काल खाद्य सुरक्षा अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की। सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार ट्रांजिट कैंप पहुंचे और भोजन की जांच शुरू की।


खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि फोन के माध्यम से ट्रांजिट कैंप में खराब भोजन परोसने की शिकायत मिली थी। इसी शिकायत के आधार पर भोजन के सैंपल भरे गए हैं, जिन्हें लैब जांच के लिए भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि भोजन मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया तो संबंधित कैटरिंग एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसी बीच गुमानीवाला निवासी बसंत कुमार ने बताया कि ट्रांजिट कैंप में खाना खाने के बाद उन्हें उल्टियां होने लगीं। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कैंप का एक कर्मचारी भी उल्टी करता हुआ नजर आया, जिससे भोजन की गुणवत्ता पर और गंभीर सवाल खड़े हो गए।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद चारधाम यात्रा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में लापरवाही को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब सभी की नजरें खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

