
स्थान ; ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट
गंगा सभा को माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश (स्टे) प्राप्त हुआ है। न्यायालय ने नगर निगम द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को दरकिनार करते हुए गंगा सभा को राहत दी। इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी।


उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान नगर निगम के अधिवक्ता ने कई गंभीर आरोप लगाए, लेकिन पीठ ने उन्हें अस्वीकार कर गंगा सभा को स्टे प्रदान किया। न्यायालय के इस निर्णय से गंगा सभा की गतिविधियों पर फिलहाल कोई रोक नहीं लगी है।

आज गंगा सभा की बैठक में नगर निगम से जुड़े मसलों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बैठक में भविष्य की रणनीति और आवश्यक कानूनी कदमों पर विचार-विमर्श किया गया।


सदस्यों ने यह भी निर्णय लिया कि अगली सुनवाई तक सभी गतिविधियाँ योजनाबद्ध और नियमों के अनुसार जारी रहेंगी।

गंगा सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि न्यायालय का यह निर्णय संगठन और स्थानीय नागरिकों के लिए राहत भरा है।


नगर निगम और गंगा सभा के बीच चल रहे विवादों को लेकर सभी पक्ष सतर्क हैं और कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं।

मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी, जिसमें दोनों पक्षों की दलीलों को फिर से सुना जाएगा और आगे की कार्यवाही तय होगी।

