
स्थान – खटीमा/ऊधम सिंह नगर
रिपोर्ट – अशोक सरकार
खटीमा के लाल कोठी शारदा घाट पर पिछले 25 वर्षों से लगने वाले उत्तरायणी कौतिक मेले का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिवत शुभारंभ किया। मेले का दूसरा दिन भी सांस्कृतिक रंग और रोमांच से भरपूर रहा।


इस अवसर पर मेले में पहुंचे विधायक भुवन चंद्र कापड़ी ने मेला समिति और प्रतिभागी स्कूली बच्चों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी कौतिक मेला हमारी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और लोकसंस्कृति को जीवंत रखते हैं।


मान्यता है कि उत्तरायणी के दिन सूर्य उत्तर दिशा की ओर गति करता है और यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी कारण शारदा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जहां मुंडन संस्कार और जनेऊ संस्कार जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाते हैं।


इस वर्ष उत्तरायणी कौतिक का आयोजन तीन दिवसीय मेले के रूप में किया जा रहा है।

मेले के महत्व को और बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय विकास भवन के निर्माण और उत्तरायणी कौतिक मेले को सरकारी कैलेंडर में शामिल करने की घोषणा की, जिसे स्थानीय लोगों ने सराहा।


मेला समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र खोलिया ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खटीमा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मेले की शोभा बढ़ाई है, जिसके लिए वे सभी के आभारी हैं। साथ ही उन्होंने विधायक भुवन चंद्र कापड़ी द्वारा मंच पर टीन शेड उपलब्ध कराने के लिए भी धन्यवाद दिया, जिससे कार्यक्रम और अधिक व्यवस्थित व भव्य बन सका।


कुल मिलाकर उत्तरायणी कौतिक मेला खटीमा में संस्कृति, आस्था और उत्सव का संगम बनकर उभरा है, जिसमें जनसहभागिता और परंपराओं की झलक साफ नजर आ रही है।

