
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तराखंड में नर्सिंग भर्ती को लेकर विरोध तेज हो गया है। नर्सिंग एकता मंच ने राज्य सरकार के खिलाफ आर–पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मंच का आरोप है कि वर्तमान में जारी लिखित नर्सिंग भर्ती विज्ञप्ति नर्सिंग अभ्यर्थियों के हितों के खिलाफ है और इससे वर्षों से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के साथ गंभीर अन्याय हो रहा है।


नर्सिंग एकता मंच ने सरकार से मांग की है कि मौजूदा भर्ती विज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और वर्षवार नर्सिंग भर्ती कराई जाए, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। मंच का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में पुराने अभ्यर्थियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।

मंच ने IPHS (इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स) का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी है। मौजूदा पद न तो जनसंख्या के अनुपात में हैं और न ही स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप। ऐसे में मंच ने कम से कम 2500 नए पदों पर तत्काल भर्ती की मांग की है, ताकि अस्पतालों में कार्यरत स्टाफ पर बढ़ते कार्यभार को कम किया जा सके और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए नर्सिंग एकता मंच ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। मंच ने 19 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया है।


इस दौरान महिला और पुरुष नर्सिंग कर्मी सामूहिक मुंडन कर सरकार के फैसले के खिलाफ प्रतीकात्मक लेकिन कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे।

नर्सिंग एकता मंच का कहना है कि यह आंदोलन केवल नर्सिंग स्टाफ के भविष्य से जुड़ा नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को बचाने की लड़ाई भी है। मंच ने राज्य सरकार से अपील की है कि हालात बिगड़ने से पहले नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।


