मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरायणी कौतिक मेले का किया दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ, खटीमा में संस्कृति और विकास पर दिया जोर

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरायणी कौतिक मेले का किया दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ, खटीमा में संस्कृति और विकास पर दिया जोर

स्थान- खटीमा

रिपोर्ट- अशोक सरकार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊँ सांस्कृतिक उत्थान मंच, खटीमा द्वारा बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले में भाग लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा कि मकर संक्रांति न केवल एक पर्व है, बल्कि हमारी संस्कृति, आस्था और जीवन दर्शन का उत्सव भी है। उन्होंने बताया कि सूर्य के उत्तरायण होने के अवसर पर यह पर्व मनाया जाता है और सूर्य देव को हमारी संस्कृति में ग्रहों का राजा माना जाता है। उन्होंने कहा, “उत्तरायणी का पर्व नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश लेकर आता है। जब बच्चे पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर नृत्य करते हैं, युवा लोकगीत गाते हैं और माताएँ-बहनें पारंपरिक परिधान में सजती हैं, तब यह विश्वास और मजबूत होता है कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित हाथों में है।”

मुख्यमंत्री ने खटीमा को केवल विधानसभा नहीं बल्कि अपना घर बताया और कहा कि “यहां की हर गली, हर गांव और हर चेहरा मेरे दिल में बसता है। यहीं से मेरी जनसेवा की यात्रा शुरू हुई थी।”

उन्होंने खटीमा के विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक कॉलेज, 100 बेड के नए अस्पताल परिसर, राष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक खेल स्टेडियम और कनेक्टिविटी सुधार के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास एवं पुल निर्माण जैसे कार्य पूरे किए गए हैं। इसके अलावा, खटीमा और टनकपुर के बीच भव्य सैन्य स्मारक का निर्माण भी जल्द ही शुरू होगा।

शिक्षा क्षेत्र में एमकॉम और एमएससी कक्षाओं की शुरुआत, जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भी कई पहल की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा के विकास की गति कभी नहीं रुकेगी।

मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा, “उत्तराखंड की संस्कृति की असली वाहक आप हैं। आपके संस्कार, मेहनत और त्याग ही समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। महिला सशक्तिकरण हमारे लिए केवल नारा नहीं बल्कि संकल्प है। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है, और यह कोई नारा नहीं बल्कि विकल्प रहित संकल्प है।”

मेले में उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और मुख्यमंत्री धामी के संबोधन को उत्साहपूर्वक सराहा।