रुद्रपुर में पर्यावरण मित्रों के लिए ऐतिहासिक ‘वाल्मीकि कॉलोनी’ निर्माण का ऐलान

रुद्रपुर में पर्यावरण मित्रों के लिए ऐतिहासिक ‘वाल्मीकि कॉलोनी’ निर्माण का ऐलान

स्थान – रूद्रपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

शहर की स्वच्छता के प्रहरियों यानी पर्यावरण मित्रों के वर्षों पुराने आवासीय सपने को साकार करते हुए महापौर विकास शर्मा ने रुद्रपुर में एक बड़ी और ऐतिहासिक घोषणा की है। खेड़ा क्षेत्र में ईदगाह कमेटी से कब्जा मुक्त कराई गई 8 एकड़ सरकारी भूमि में से 1 एकड़ पर अब ‘वाल्मीकि कॉलोनी’ का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना रुद्रपुर को प्रदेश का पहला ऐसा नगर निगम बनाती है जो अपने पर्यावरण मित्रों के लिए समर्पित आवासीय परिसर बना रहा है।

इस ऐतिहासिक घोषणा से पर्यावरण मित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने महापौर विकास शर्मा और नगर आयुक्त शिप्रा जोशी पाण्डे का अभिनंदन कर उन्हें सम्मानित किया और आभार व्यक्त किया।

महापौर विकास शर्मा ने नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बताया कि खेड़ा बस्ती में कई दशकों से ईदगाह की आड़ में 8 एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया था, जिसे नगर निगम ने हाल ही में मुक्त कराया है। इसमें से एक एकड़ भूमि पर पर्यावरण मित्रों के लिए निःशुल्क आवास बनाए जाएंगे। बची हुई भूमि पर बालिकाओं के लिए इंटर कालेज निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।

महापौर ने बताया कि वाल्मीकि कॉलोनी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शहरी विकास सचिव ने भी स्वीकृति दे दी है।

उन्होंने कहा, “पर्यावरण मित्र नगर निगम के अभिन्न अंग हैं और उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा करना मेरी प्राथमिकता थी। जल्द ही कॉलोनी की डीपीआर तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।”

कार्यक्रम में महापौर ने तुष्टिकरण और दुष्प्रचार की राजनीति पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम ने ईदगाह की जमीन नहीं, बल्कि उसकी आड़ में कब्जाई गई सरकारी जमीन को मुक्त कराया है। उन्होंने कहा, “अतिक्रमणकारी का कोई धर्म नहीं होता। हमने निष्पक्षता से कार्रवाई की है। शहर में तीन अन्य स्थानों पर मंदिरों की आड़ में किए गए कब्जों को भी हटाया गया है। जो लोग इसे राजनैतिक चश्मे से देख रहे हैं, वे समाज को गुमराह कर रहे हैं। दुष्प्रचार करने वालों से हम डरने वाले नहीं हैं।”

इस ऐतिहासिक निर्णय से रुद्रपुर में पर्यावरण मित्रों का उत्साह बढ़ा है और यह पहल शहर में स्वच्छता एवं सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।