धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

लोकेशन : नैनीताल
ब्यूरो रिपोर्ट

जनपद नैनीताल में बहुचर्चित धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मोहम्मद यूनुस उर्फ AMDY को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

यह मामला बीते दिनों भीमताल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था, जिसमें आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना मल्लीताल में 29 अप्रैल 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 0017/2026 दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 की धारा 3/5 तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

वादी द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग नामों से महिलाओं से संपर्क करता था। वह फोटोग्राफी, वीडियो शूट, ट्रेकिंग और म्यूजिक सेशन जैसी गतिविधियों के जरिए पहले विश्वास जीतता और बाद में उन्हें अपने प्रभाव में लेता था।

आरोप यह भी है कि वर्ष 2020 से संपर्क में आने के बाद आरोपी ने पीड़िता से लगभग 17 लाख रुपये विभिन्न उपकरणों पर खर्च कराए। इसके बाद विवाह का झांसा देकर अपनी धार्मिक पहचान छिपाई और धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया।

मामले में अन्य पीड़िताओं द्वारा भी इसी तरह के आरोप सामने आने से प्रकरण और गंभीर हो गया। पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को और तेज कर दिया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय के आदेश पर एसएसपी ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। भीमताल पुलिस, एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम ने लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी।

आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। अंततः पुलिस टीम ने उसे नैनीताल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में धर्मांतरण जैसे अवैध कृत्यों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।