भारत शुद्धिकरण यात्रा का सप्तम दिवस: सोमवारी गुफा से कैंची धाम तक अध्यात्म और राष्ट्रभक्ति की गूंज

भारत शुद्धिकरण यात्रा का सप्तम दिवस: सोमवारी गुफा से कैंची धाम तक अध्यात्म और राष्ट्रभक्ति की गूंज

स्थान – नैनीताल
ब्यूरो रिपोर्ट

भारत शुद्धिकरण यात्रा का सप्तम दिवस आज सोमवारी गुफा, खैरना से प्रारंभ हुआ, जहाँ प्रातःकाल विशेष साधना, हवन और सामूहिक प्रार्थना के साथ दिव्य वातावरण में यात्रा का शुभारंभ किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व जगद्गुरु श्री चित्रगुप्ताचार्य डॉ. स्वामी सच्चिदानन्द जी महाराज ने किया और यह नीम करौली बाबा के विश्वविख्यात कैंची धाम की ओर प्रस्थान कर गई।

सोमवारी गुफा सदियों से साधना, मौन और आत्मबोध की परंपरा की भूमि रही है। इसी पावन स्थल से यात्रा का प्रस्थान इस बात का प्रतीक है कि भारत शुद्धिकरण यात्रा केवल भौगोलिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना का जागरण है।

यात्रा के दौरान जगद्गुरु स्वामी सच्चिदानन्द जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा:
“नीम करौली बाबा प्रेम, सेवा और भक्ति के महामंत्रदाता हैं, जिनकी कृपा से असंख्य जीवन बदला। आज भारत शुद्धिकरण यात्रा का कैंची धाम की ओर बढ़ना यह संदेश देता है कि राष्ट्र की शुद्धि बिना आत्मशुद्धि के संभव नहीं है। हमें भारत को जिहाद, जमात और राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों से मुक्त कर, पुनः सनातन मूल्यों पर प्रतिष्ठित करना होगा।”

यात्रा के दौरान संत-महात्माओं, मातृशक्ति और युवाओं ने भजन-कीर्तन, “भारत माता की जय”, “वन्दे मातरम” और “मां भारती की रक्षा का संकल्प” जैसे उद्घोषों के साथ पूरे मार्ग को राष्ट्रभक्ति और अध्यात्म से गुंजायमान कर दिया।

स्थानीय नागरिकों ने भी पुष्पवर्षा एवं अभिनंदन के माध्यम से यात्रा का स्वागत किया और इसके उद्देश्यों—धर्म, संस्कृति, पर्यावरण और राष्ट्र की रक्षा—के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

यात्रा का यह दिवस साधना, संकल्प और सेवा का अद्भुत संगम बन गया। कैंची धाम में विशेष प्रार्थना और राष्ट्र-कल्याण हेतु अनुष्ठान के साथ सुंदरकांड का पाठ संपन्न हुआ। इस अवसर पर नीम करौली कैंची धाम में नैनीताल के सांसद अजय भट्ट, विधायक सरिता आर्य और राज्यमंत्री दिनेश आर्य एवं संजय श्रीवास्तव ने भी भव्य स्वागत किया।

भारत शुद्धिकरण यात्रा इस दिन अध्यात्म, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के अद्भुत संगम के रूप में यादगार साबित हुई।