
स्थान – हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट
ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर फेडरेशन, नैनीताल (उत्तराखंड) के एक शिष्टमंडल ने हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश से भेंट कर सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। शिष्टमंडल ने विक्रेताओं की आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों को प्रमुखता से उनके समक्ष रखा।


शिष्टमंडल ने बताया कि वर्तमान में सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कम मानदेय के कारण उनके सामने रोज़ी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है।

विक्रेताओं ने मानदेय बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि खाद्यान्न गोदामों में गेहूं, चावल सहित अन्य खाद्य सामग्री को तौलकर दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सभी गोदामों में कांटा (वजन मशीन) लगाए जाने की आवश्यकता है, ताकि विक्रेताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

शिष्टमंडल ने यह भी बताया कि खाद्यान्न वितरण के दौरान बायोमेट्रिक और रेटिना सिस्टम के बार-बार फेल होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तकनीकी खामियों के कारण वितरण बाधित होता है और कई बार उपभोक्ताओं से अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

विक्रेताओं का कहना है कि इन समस्याओं के चलते उनकी छवि भी प्रभावित होती है, जबकि तकनीकी खामियों के लिए वे स्वयं जिम्मेदार नहीं होते। उन्होंने इस व्यवस्था में सुधार की मांग की।

विधायक सुमित हृदयेश ने शिष्टमंडल की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वे सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं की वास्तविक समस्याओं को लेकर पूरी तरह उनके साथ हैं।

उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में इन सभी मुद्दों को मजबूती के साथ सदन में उठाया जाएगा और सरकार का ध्यान सस्ता गल्ला विक्रेताओं की समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा, ताकि उनका समाधान निकाला जा सके।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मोहन अधिकारी, शहर अध्यक्ष बिशंबर कांडपाल, दीपक जोशी, कुंदन, सालिम सिद्दीकी, मुन्ना सलमानी, ओवैस कादरी, असजद अली, मुजीब-उर-रहमान, वकील अहमद, सरफराज खान, प्रमोद गोस्वामी सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

