

स्थान – मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट


अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। मसूरी में छात्र संघ अध्यक्ष प्रवेश राणा के नेतृत्व में स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पिक्चर पैलेस चौक से ग्रीन चौक तक विरोध रैली निकाली गई, जहां प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और अंकिता भंडारी को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग उठी।




रैली में शामिल कांग्रेस नेताओं सुशांत वोहरा, मेक सिंह कंडारी, राजीव रावत, महेश चंद, गौरव गुप्ता और जगपाल गुसाईं ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। नेताओं का कहना था कि प्रदेश में भाजपा सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों और दोषियों को संरक्षण देने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में भाजपा से जुड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका लगातार सामने आ रही है, लेकिन इसके बावजूद सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।



कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम इस पूरे मामले में खुद को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है।



प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस मामले में “वीआईपी” आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक इस हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र संघ अध्यक्ष प्रवेश राणा और कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 से 20 दिनों के भीतर सीबीआई जांच की घोषणा कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इसके तहत सचिवालय घेराव, मुख्यमंत्री आवास घेराव और प्रदेशभर में भाजपा नेताओं के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे।


