ऋषिकेश में क्रिसमस को लेकर हिंदू संगठनों का विरोध, प्रशासन सतर्क

ऋषिकेश में क्रिसमस को लेकर हिंदू संगठनों का विरोध, प्रशासन सतर्क

लोकेशन- ऋषिकेश

ब्यूरो रिपोर्ट

क्रिसमस की तैयारियों के बीच ऋषिकेश से एक बड़ी और गरमाती खबर सामने आई है। राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन सहित कुछ हिंदू संगठनों ने इस बार क्रिसमस समारोहों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन का कहना है कि भारत में क्रिसमस मनाना देश के शहीदों के बलिदान का अपमान है।

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राघवेन्द्र भटनागर ने कहा कि क्रिसमस भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है, बल्कि पाश्चात्य संस्कृति और अंग्रेजों का थोपा हुआ त्योहार है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अंग्रेज भारत को गुलाम बनाकर चले गए, उनके त्योहार मनाकर हम स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का मजाक उड़ा रहे हैं।

भटनागर ने सनातन धर्म के अनुयायियों को विदेशी दिखावे से दूर रहने की नसीहत दी और सरकार से मांग की कि सनातन दिवस और तुलसी पूजन दिवस जैसे स्वदेशी संस्कारों को बढ़ावा दिया जाए। उनका मानना है कि क्रिसमस मनाना उन क्रांतिवीरों का अपमान है जिन्होंने ‘वंदे मातरम’ कहते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।

ऋषिकेश जैसे आध्यात्मिक केंद्र में इस तरह के कड़े रुख के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन उद्योग की भी धड़कनें बढ़ गई हैं, क्योंकि क्रिसमस पर्व से जुड़ा कारोबार काफी बड़ा होता है। प्रशासन ने अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।

इस विवाद के चलते क्रिसमस के आयोजनों पर अब प्रशासन और स्थानीय समुदाय की पैनी नजर बनी हुई है।