चमोली पुलिस की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित, क्रिसमस–नववर्ष को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश

चमोली पुलिस की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित, क्रिसमस–नववर्ष को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश

स्थान – चमोली

दिनांक 22 दिसंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय गोपेश्वर के सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समस्त थाना एवं शाखा प्रभारियों को निर्देश दिए कि अपने अधीन कार्यरत कर्मियों की समस्याओं का त्वरित, मानवीय और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।

पुलिस अधीक्षक ने आगामी क्रिसमस और नववर्ष के दृष्टिगत सभी आयोजनों में सुदृढ़ अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी बैंकेट हॉल, होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशालाओं, होमस्टे एवं अन्य आयोजन स्थलों का समय रहते निरीक्षण किया जाए। अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र, उसके नवीनीकरण तथा फायर उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। साथ ही भवन स्वामियों, प्रबंधकों और स्टाफ को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण देने के भी निर्देश दिए गए।

एसपी चमोली ने क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर प्रो-एक्टिव पुलिसिंग अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंदिरों का फायर सेफ्टी ऑडिट, प्रभावी यातायात प्रबंधन और हुड़दंगियों पर नियंत्रण के भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही नववर्ष आयोजनों के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को गंभीरता से लेते हुए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, जनजागरूकता और त्वरित कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।

औली, चोपता और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन को देखते हुए समुचित सुरक्षा व्यवस्था करने तथा जनपद की सीमाओं और आंतरिक बैरियरों पर सघन वाहन चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। 31 दिसंबर और नववर्ष सेलिब्रेशन के दौरान शराब पीकर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने तथा होटल, ढाबों, होमस्टे और धर्मशालाओं में सघन चेकिंग अभियान चलाने के आदेश दिए गए।

ठंड के मौसम में आपराधिक गतिविधियों की संभावनाओं को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को नियमित रात्रि गश्त, पिकेट ड्यूटी और क्षेत्र में लगातार भ्रमणशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कोहरे और धुंध के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए भारी और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने का विशेष अभियान चलाने और पाला प्रभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों में गुणवत्तापूर्ण, तथ्यपरक और समयबद्ध विवेचना पर विशेष बल दिया गया।

इसके अतिरिक्त लंबित विवेचनाओं की थानावार समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण, सम्मन, वारंट और कुर्की की प्रभावी तामील तथा लंबित मालों के नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए गए। सभी थाना, चौकी और शाखाओं में प्रत्येक रविवार को श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान चलाने के भी आदेश दिए गए।

गोष्ठी में ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी विपुल कुमार पांडे ने विवेचकों को विवेचना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी देते हुए साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, कानूनी प्रावधानों के सही अनुप्रयोग, केस डायरी के सुव्यवस्थित लेखन और न्यायालय में प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर जोर दिया।

इस अवसर पर ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 22 पुलिस कर्मियों और होमगार्डों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

गोष्ठी में पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट, पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गिरीश बिष्ट, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी विपुल कुमार पांडे सहित सभी थाना प्रभारी, शाखा प्रभारी एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।