

लोकेशन – देहरादून

ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में रिवर्स पलायन को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। बेहतर आजीविका और जीवन की संभावनाओं के चलते बड़ी संख्या में लोग पुनः अपने गांवों की ओर लौट रहे हैं, जो राज्य के लिए शुभ संकेत है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का पलायन आयोग प्रभावी ढंग से कार्य कर रहा है और रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से युवाओं और प्रवासियों को रोजगार से जोड़ा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।


उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में होमस्टे शुरू हुए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और पर्यटन को भी नया आयाम प्राप्त हुआ है। इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं और लोगों की आमदनी में सुधार हुआ है।


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार शीघ्र ही प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवासी पंचायतों का आयोजन करेगी, ताकि राज्य से बाहर रह रहे उत्तराखंडी लोगों को विकास प्रक्रिया से जोड़ा जा सके और उनकी सहभागिता सुनिश्चित हो।


उन्होंने बताया कि वर्षभर पर्यटन गतिविधियों को सक्रिय बनाए रखने के उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई है। इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है।


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य रिवर्स पलायन को केवल एक पहल नहीं, बल्कि स्थायी समाधान में बदलना है, ताकि गांव आत्मनिर्भर बनें और उत्तराखंड का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।


