

स्थान – रानीखेत

संवाददाता – संजय जोशी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत सोमवार को ताड़ीखेत में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रीय जनता से संवाद किया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी किया। शिविर में पात्र लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के साथ-साथ जनसमस्याओं का मौके पर ही निस्तारण भी किया गया।



मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले की लगभग 77.25 करोड़ रुपये की लागत की 32 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें 47.85 करोड़ रुपये की लागत की 9 योजनाओं का शिलान्यास और 29.40 करोड़ रुपये की लागत की 23 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। साथ ही रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं।


मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं में विकासखंड भिकियासैंण में गगास नदी और रामगंगा नदी पर तटबंध निर्माण, पैदल पथ का नव निर्माण, देवलीखेत, चौनलिया, खिरखेत और भुजान के राजकीय इंटर कॉलेजों में मिनी स्टेडियम निर्माण, सनणा सिंचाई लिफ्टिंग योजना का उन्नयन, रानीखेत में एनसीसी ग्राउंड/स्टेडियम के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की स्वीकृति, रानीझील का विस्तारीकरण एवं सौंदर्यीकरण, और रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में हैलीपैड निर्माण शामिल हैं।

शिविर में उपस्थित हजारों ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं को जनता के नजदीक लाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है और अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने सुझाव और समस्याएं निःसंकोच साझा करें, ताकि उन्हें शीघ्र और प्रभावी ढंग से हल किया जा सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। देवभूमि उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने और पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण का कार्य भी निरंतर जारी है।


उन्होंने कहा कि पलायन को रोकने, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। पलायन निवारण आयोग की सर्वे रिपोर्ट में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। राज्य में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। “लखपति दीदी” योजना के माध्यम से 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने में योगदान दिया है।

रानीखेत क्षेत्र के विकास के लिए भी मुख्यमंत्री ने बताया कि भवानी देवी पेयजल योजना (17 करोड़) और भतरौजखान रामगंगा पम्पिंग पेयजल योजना (5 करोड़) का निर्माण कार्य जारी है।

शिविर के पश्चात मुख्यमंत्री ने ग्वाल देवता मंदिर में पूजा-अर्चना की और सरस्वती शिशु मंदिर ताड़ीखेत में बच्चों से संवाद किया।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टमटा, क्षेत्रीय विधायक प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी कैलाश पंत, ब्लॉक प्रमुख बबली मेहरा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट, भाजपा महिला मोर्चा संयोजिका विमला रावत, महामंत्री दर्शन मेहरा सहित कई अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित रहे।



