रूड़की में स्कूल वैन बनीं बच्चों की जान के लिए खतरा, नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां

रूड़की में स्कूल वैन बनीं बच्चों की जान के लिए खतरा, नियमों की खुलेआम उड़ रही धज्जियां

स्थान – रूड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

रूड़की शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। स्कूलों से बच्चों को लाने-ले जाने वाली कई वैन न केवल यातायात नियमों की अनदेखी कर रही हैं, बल्कि इनमें बच्चों की जान से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। निजी नंबर प्लेट, अवैध एलपीजी किट और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर चलाना अब आम होता जा रहा है।

जानकारी के अनुसार शहर में अधिकतर स्कूल वैन निजी नंबर प्लेट पर संचालित हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि कई वैनों में अवैध रूप से एलपीजी किट फिट करवाई गई है, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके बावजूद इन वाहनों में मानक से कहीं ज्यादा बच्चों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जा रहा है।

मामला उस समय उजागर हुआ जब गणेशपुर पुल पर हिंदू संगठन के नेता नवीन राजपूत ने एक स्कूल वैन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि स्कूल वैन निजी नंबर प्लेट पर चल रही है, आगे की नंबर प्लेट गायब है, वाहन की हालत जर्जर है और उसमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठे हैं। सबसे गंभीर बात यह रही कि वैन में एलपीजी किट लगी हुई थी।

यह मामला केवल वाहन चालकों या संचालकों की लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि उन अभिभावकों की जिम्मेदारी भी बनती है, जो अपने मासूम बच्चों को ऐसी असुरक्षित गाड़ियों में स्कूल भेज रहे हैं।

वीडियो वायरल होते ही परिवहन विभाग हरकत में आया और ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान शुरू किया गया। अभियान के दौरान एक स्कूल वैन और दो दोपहिया वाहनों को जब्त कर सीज किया गया। जप्त की गई मारुति वैन बच्चों को ढो रही थी, लेकिन उसमें नंबर प्लेट नहीं थी और वाहन की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई।

इसके बाद परिवहन विभाग ने केंद्रीय विद्यालय के आसपास विशेष चेकिंग अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कई स्कूल वैन चालक अपने वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गए। टीम ने मौके से चार स्कूल वैन और तीन मोटरसाइकिलों को जब्त कर सीज किया, जबकि कई बाइकों का चालान भी किया गया।

एआरटीओ कृष्ण कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान 50 से अधिक वाहनों के चालान किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि तीन नाबालिग बच्चे वाहन चलाते हुए पाए गए, जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन मामलों में वाहनों को भी सीज किया गया है। साथ ही कुल चार स्कूल वैन को जब्त किया गया।

अभियान के दौरान स्कूल प्रबंधन से भी बातचीत की गई और उन्हें निर्देश दिए गए कि वे छात्रों की सूची और वाहन चालकों का पूरा विवरण सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

सवाल साफ है—बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कुछ भी नहीं। नियमों की अनदेखी कब किसी बड़े हादसे में बदल जाए, यह कहना मुश्किल है। अब जरूरत है सख्त कार्रवाई के साथ-साथ अभिभावकों की जागरूकता की, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।