लोहाघाट में वन वे ट्रैफिक को लेकर व्यापारियों और प्रशासन में विवाद

लोहाघाट में वन वे ट्रैफिक को लेकर व्यापारियों और प्रशासन में विवाद

स्थान : लोहाघाट
ब्यूरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के लोहाघाट नगर में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से एसपी चंपावत अजय गणपति के निर्देश पर मीना बाजार तिराहे से लेकर जयंती भवन तक 14 दिन के लिए प्रयोगात्मक वन वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था की समीक्षा 1 जनवरी से आम जनता की राय लेकर की जाएगी।

नगर में वन वे ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर प्रतिक्रिया मिश्रित रही। आम जनता ने इसका स्वागत किया, जबकि व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। शनिवार को नगर के व्यापारियों ने व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष जुकरिया और पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने डीएम चंपावत को ज्ञापन प्रेषित कर वन वे ट्रैफिक व्यवस्था को बंद करने की मांग की।

व्यापारी और व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष जुकरिया ने कहा, “वन वे ट्रैफिक लागू होने से हमारे व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। अगर यातायात सुधारना है तो पुलिस को सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को हटाना चाहिए। यदि वन वे लागू करना ही है तो स्कूल टाइम में लागू किया जाए, जिसे व्यापारियों का समर्थन मिलेगा।”

पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने कहा, “व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए। जब व्यवस्थाएं व्यापारियों के ऊपर थोप दी जाएंगी तो उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”

राज्य आंदोलनकारी राजू गढ़कोटी ने कहा, “वन वे ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर स्थानीय जनता और व्यापारियों की राय अनदेखी नहीं की जा सकती। इस मामले में प्रशासन को संतुलित निर्णय लेना होगा।”

इससे पहले लोहाघाट में सरयू लिफ्ट पेयजल योजना को लेकर विवाद हुआ था, वहीं अब वन वे ट्रैफिक को लेकर शहर में गर्म माहौल देखा जा रहा है। लोहाघाट विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा और व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष जुकरिया पहले ही अपनी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं।