जसपुर में सरकारी भूमि विवाद पर कांग्रेस विधायक का प्रशासन पर आरोप, फायरिंग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

जसपुर में सरकारी भूमि विवाद पर कांग्रेस विधायक का प्रशासन पर आरोप, फायरिंग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

स्थान -जसपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

जनपद उधम सिंह नगर के जसपुर में नगरपालिका की सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दो दिन पहले इसी मुद्दे पर जसपुर कांग्रेस विधायक आदेश चौहान अपने समर्थकों के साथ भूतपुरी हाईवे पर धरने पर बैठे थे और पुलिस व स्थानीय प्रशासन पर भूमाफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाया था। विधायक ने इस दौरान भूमि विवाद से जुड़े घटनाक्रम और कथित फायरिंग को लेकर भी कड़ा रोष जताया था।

मंगलवार को विधायक आदेश चौहान ने कुमाऊं मंडल विकास निगम कार्यालय में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले का सिलसिलेवार विवरण रखा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1997 में एक परिवार ने इस विवादित भूमि पर अपना दावा किया था, जिसे तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने 1998 में खारिज करते हुए भूमि को नगरपालिका की सरकारी जमीन घोषित किया था। इसके बाद मामला आयुक्त के पास गया, जहां से भी भूमि को नगरपालिका की वर्ग-4 सरकारी भूमि माना गया। राज्य परिषद ने भी इसे सरकारी भूमि ही करार दिया।

विधायक के अनुसार, सभी कानूनी प्रक्रियाओं के बाद भूमि की नपाई कर कब्जा नगरपालिका को दिलाया गया और तब से अब तक नगरपालिका इस जमीन पर काबिज है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिन पहले कुछ लोग इस जमीन पर कब्जा करने पहुंचे, जिसे नगरपालिका ने रोक दिया। इसके बाद रात में दूसरा पक्ष अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और वहां फायरिंग की घटना हुई, जिसमें चार राउंड फायर किए गए। इस पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है।

आदेश चौहान ने कहा कि भूमाफिया सरकारी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं, जिसका वे और उनके समर्थक विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कोतवाल, सीओ और उपजिलाधिकारी को शिकायत दी गई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और जांच का आश्वासन दिया गया है।

विधायक ने मांग की कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जिन तीन लोगों की पहचान हुई है, उनसे पूछताछ कर यह स्पष्ट किया जाए कि फायरिंग किसने की। उन्होंने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।