

स्थान – खटीमा/नेपाल बॉर्डर
रिपोर्ट – अशोक सरकार


क्षेत्र की पुरानी और ऐतिहासिक शारदा देवहा पोशाक नहर इन दिनों बुरी तरह बदहाल स्थिति में है। लंबे समय से नहर की सफाई और रखरखाव न होने के कारण इसका जल प्रवाह लगभग ठप पड़ गया है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित स्थानीय किसान हैं, जिनकी रबी सीजन की फसलें पानी न मिलने से संकट में पड़ गई हैं।



किसानों में रोष — प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय किसानों का कहना है कि नहर में जगह–जगह गाद भर चुकी है, झाड़ियां उग आई हैं और पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा।


- खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच रहा
- गेहूं, सरसों और सब्ज़ी की फसलें प्रभावित
- उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रशासन के बीच तालमेल की कमी का आरोप
किसानों ने नहर की तुरंत सफाई और मरम्मत की मांग उठाई है ताकि सिंचाई व्यवस्था फिर से पटरी पर लौट सके।


सहायक अभियंता का बयान — प्रस्ताव मिलते ही शुरू होगी कार्रवाई

इस मुद्दे पर सहायक अभियंता द्वितीय, शारदा खंड बरेली उमर खान ने कहा:
“जैसे ही उत्तराखंड सरकार से औपचारिक प्रस्ताव प्राप्त होता है, विभाग नहर की सफाई और मरम्मत का कार्य तुरंत शुरू कर देगा। सफाई होने पर किसानों को पर्याप्त पानी मिलेगा और सिंचाई व्यवस्था सुचारु हो सकेगी।”

दो राज्यों के बीच तालमेल की कमी से अटका काम
शारदा देवहा पोशाक नहर उत्तर प्रदेश–उत्तराखंड सीमा से जुड़ी होने के कारण
- रखरखाव
- मरम्मत
- बजट आवंटन

जैसे मुद्दों में दोनों राज्यों के समन्वय की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि सफाई कार्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अटक गया है।


किसानों की मांग — तुरंत सफाई कर बहाल की जाए सिंचाई व्यवस्था
किसानों ने कहा कि यदि समय रहते नहर की सफाई नहीं की गई, तो
- फसलें सूख सकती हैं
- क्षेत्र में आर्थिक नुकसान बढ़ सकता है
- सिंचाई संकट गहरा सकता है

किसानों ने दोनों सरकारों से अपील की है कि जल्द से जल्द समन्वय बनाकर नहर की सफाई शुरू की जाए, ताकि क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को राहत मिल सके।


