स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कुंभ और अर्द्धकुंभ विवाद पर कहा– दोनों में ‘कुंभ’ शामिल, सभी को लाभ मिलना चाहिए

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कुंभ और अर्द्धकुंभ विवाद पर कहा– दोनों में ‘कुंभ’ शामिल, सभी को लाभ मिलना चाहिए

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कुंभ और अर्द्धकुंभ को लेकर चल रहे विवाद पर स्पष्ट रूप से अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कुंभ का आयोजन विक्रम संवत कैलेंडर के अनुसार होता है और यह ग्रेगरी कैलेंडर में कभी अरे में नहीं लिखा जाता।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला होगा और इसमे सभी श्रद्धालु बढ़चढ़ कर हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि कुंभ और अर्द्धकुंभ के विवाद से वे खुद को दूर रखते हैं। उनका कहना है कि दोनों ही शब्दों में ‘कुंभ’ जुड़ा है, इसलिए कुंभ मेले का लाभ सभी को मिलना चाहिए

धार्मिक स्थलों की शीतकालीन यात्रा के लिए स्वामी ने गुरुवार शाम को नमामि गंगा घाट पर गंगा पूजन किया। इसके बाद उन्होंने शुक्रवार की सुबह अपने शिष्यों के साथ हरिद्वार से यात्रा शुरू की।

स्वामी ने कहा कि यह धार्मिक यात्रा न केवल आस्था बढ़ाती है, बल्कि गंगा और अन्य धार्मिक स्थलों की गरिमा और सांस्कृतिक महत्व को भी उजागर करती है।