गजल्ड गांव में गुलदार हमले के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की, पीड़ित परिवार को मुआवजा

गजल्ड गांव में गुलदार हमले के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की, पीड़ित परिवार को मुआवजा

स्थान : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट

पौड़ी जिले के गजल्ड गांव में गुलदार के हमले में एक व्यक्ति की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इस पर वन विभाग और जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को गंभीरता से लिया।

जिलाधिकारी ने चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन से मात्र दो घंटे में गुलदार को ढेर करने की अनुमति प्राप्त की, जिसके बाद प्रभावित क्षेत्र में सूटरों की तैनाती कर दी गई। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट और वन विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग के माध्यम से पशुओं के चारे की व्यवस्था करवाई और क्षेत्र के निजी व शासकीय स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को 5 व 6 दिसंबर को अवकाश का आदेश दिया।

वन विभाग के अनुसार, पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी ने बढ़ती गुलदार घटनाओं पर चिंता जताई और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़ी घटना के बावजूद जब विधायक का फोन और वन मंत्री उपलब्ध नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा और पूछताछ कौन करेगा। नेगी ने अधिकारियों और नेताओं से जनता की स्थिति को समझने और ठोस कदम उठाने की मांग की।

डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने बताया कि क्षेत्र में विभागीय गस्त बढ़ा दी गई है, प्रभावित क्षेत्रों में पिंजरे और ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा के लिए सूटरों की तैनाती भी की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जाए और आगामी दिनों में किसी भी तरह की मानव क्षति रोकी जा सके।