

लोकेशन – लकसर
रिपोर्टर – रामगोपाल


उत्तराखंड सरकार ने नए पेराई सत्र के लिए गन्ना मूल्य घोषित कर दिया है। सरकार ने अगेती प्रजाति का मूल्य ₹405 प्रति कुंतल और पछेती प्रजाति का मूल्य ₹395 प्रति कुंतल निर्धारित किया है। गन्ना दरों में बढ़ोतरी को सरकार किसानों के हित में बड़ा कदम बता रही है, लेकिन कई किसान इस फैसले से नाखुश नजर आ रहे हैं।




कुछ किसानों ने कहा कि ₹405 प्रति कुंतल मूल्य “उचित नहीं” है और यह सिर्फ “रोते को आंसू पोंछने” जैसा कदम है। किसानों का कहना है कि गन्ना उत्पादन की लागत में लगातार बढ़ोतरी हुई है—जिसके हिसाब से कम से कम ₹500 प्रति कुंतल मूल्य घोषित किया जाना चाहिए था।


किसानों ने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के बिजली बिल माफ किए और सरचार्ज में राहत दी, उसी तर्ज पर उत्तराखंड सरकार को भी किसानों को सीधी सुविधा और आर्थिक राहत देनी चाहिए।



किसानों का कहना है कि बढ़ा हुआ मूल्य उनके खर्च को पूरा नहीं कर पा रहा। साथ ही भुगतान में देरी, बढ़ती लागत, खाद–बीज के दाम और बिजली बिल जैसे मसलों पर भी सरकार को जल्द कदम उठाने की जरूरत है।

फिलहाल, सरकार ने गन्ना दरों को कृषि क्षेत्र को मजबूती देने वाला बताया है, जबकि किसान इसे अपनी अपेक्षाओं से कम मान रहे हैं।


