


ऋषभ पंत की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी हार के करीब पहुंच गई है। भारत को 26 नवंबर को साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में भारी संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है।




इतिहास की याद दिलाती हार
टीम इंडिया को अब तक की सबसे बड़ी टेस्ट हार 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में झेलनी पड़ी थी। तब चौथी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 543 रनों का लक्ष्य रखा था और भारत 342 रनों से हार गया था। इस बार साउथ अफ्रीका ने 549 रनों का लक्ष्य रखा है, जिससे भारतीय टीम को इतिहास की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है।

ना बल्लेबाजी, ना गेंदबाजी
भारतीय टीम इस साउथ अफ्रीका सीरीज में बेहद असफल रही है। बल्लेबाज पिच के अनुसार खेल नहीं पा रहे और गेंदबाज रन रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। हर मोर्चे पर टीम की नाकामी देखने को मिल रही है। साउथ अफ्रीका की टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है और भारत को भारी दबाव में रख रही है।




अव्यवस्था और भ्रम
खिलाड़ियों को अपने काम की सही समझ नहीं है। बैटिंग ऑर्डर लगातार बदल रहा है। वॉशिंगटन सुंदर से साई सुदर्शन तक हर खिलाड़ी हर मैच में नई स्थिति में उतर रहा है। अंतिम दिन मैच ड्रॉ कराने की संभावना भी अब मुश्किल नजर आ रही है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारतीय बल्लेबाज खड़े नहीं हुए, तो टीम इंडिया को करारी हार का सामना करना पड़ सकता है।




