मालधनचौड़ में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत दिवस पर विशेष आयोजन 27 नवंबर को

मालधनचौड़ में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत दिवस पर विशेष आयोजन 27 नवंबर को

स्थान: रामनगर, उत्तराखंड
संवाददाता: सलीम अहमद साहिल

रामनगर विधानसभा के मोहननगर, मालधनचौड़ में 27 नवंबर को गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस का भव्य आयोजन किया जा रहा है। गुरु तेग बहादुर जी सिखों के 9वें गुरु थे, जिन्हें उनकी शिक्षाओं, अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए पूरे विश्व में सम्मानित किया जाता है।

गुरु तेग बहादुर जी का जन्म 21 अप्रैल 1621 को अमृतसर में छठे सिख गुरु हरगोबिंद साहिब और माता नानकी के यहां हुआ था। उनके तपस्वी और त्यागमयी स्वभाव के कारण उनका मूल नाम ‘त्याग मल’ रखा गया। उन्होंने शास्त्रों की शिक्षा प्रसिद्ध भाई गुरदास से तथा युद्धकला और मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण बाबा बुद्ध से प्राप्त किया।

गुरु तेग बहादुर जी ने गुरु ग्रंथ साहिब में 116 भजनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया और सिख धर्म के प्रसार हेतु व्यापक यात्राएं कीं। उनके प्रयासों से स्थापित चक-नानकी नगर आगे चलकर श्री आनंदपुर साहिब के रूप में विकसित हुआ, जो आज सिख इतिहास का एक प्रमुख केंद्र है।

वर्ष 1675 में धार्मिक स्वतंत्रता के संरक्षण और जबरन धर्मांतरण के विरोध में उनके अडिग रुख के कारण मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर दिल्ली में उन्हें शहीद कर दिया गया। उनके इस सर्वोच्च बलिदान ने उन्हें ‘हिंद की चादर’ और ‘भारत की ढाल’ की अमर उपाधि प्रदान की।

मालधनचौड़ में आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम गुरु तेग बहादुर जी के अद्वितीय बलिदान, उनके उपदेशों और मानवीय मूल्यों को स्मरण कराने वाला होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।