

लोकेशन – हरिद्वार
रिपोर्ट – संजय चौधरी

लंबित मांगे पूरी न होने से नाराज़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार से हरिद्वार में विकास भवन के निकट प्रदेश स्तरीय अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है। उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले जुटी आंगनबाड़ी वर्कर्स ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं पर ठोस और लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।




कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार ने अब तक उनके हितों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया, जिससे राज्यभर की आंगनबाड़ी वर्कर्स में गहरा असंतोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ते काम के बोझ के बावजूद उचित मानदेय नहीं दिया जा रहा और प्रमोशन प्रक्रियाएं भी अधर में लटकी हैं।

धरने को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का भी समर्थन मिला। वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ धरनास्थल पहुंचे और आंगनबाड़ी बहनों की मांगों को जायज़ बताते हुए कहा कि सरकार को तुरंत उचित कदम उठाने चाहिए।




रावत ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट भी कहता है कि हर किसी को प्रमोशन का अधिकार है। सुपरवाइजर पद पर जिनका प्रमोशन लंबित है, उसे रोका नहीं जाना चाहिए। जब काम चौगुना कर दिया है तो मानदेय भी चौगुना होना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, भोजनमाता, आशा वर्कर्स और स्वयं सहायता समूह ग्रामीण व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए सरकार को इनके हितों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
धरने के चलते माहौल लगातार गरमाता जा रहा है और आंगनबाड़ी वर्कर्स ने साफ कहा है कि उनकी मांगे पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।




