

लोकेशन: हरिद्वार
संवाददाता: धर्मराज

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर काली सेना ने प्रदेश की अस्मिता और संस्कृति को सुरक्षित रखने का नया संकल्प लिया है। हरिद्वार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान संगठन ने एक वर्ष तक चलने वाले कई अभियानों की घोषणा की, जिनका उद्देश्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और राज्य से पलायन की समस्या को रोकना है।




संगठन की ओर से जारी संकल्प पत्र में कहा गया कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों की रक्षा, गांव-गांव हिंदू पंचायतों का गठन, और अवैध कब्ज़ों के खिलाफ अभियान प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी। काली सेना ने यह भी घोषणा की कि वह युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयासों को तेज करेगी।

संगठन का लक्ष्य आगामी वर्ष के भीतर पूरे उत्तराखंड में दस लाख सक्रिय सदस्य और सवा लाख काली सैनिक तैयार करने का है।




काली सेना के प्रतिनिधियों ने कहा, “हमारा उद्देश्य किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि अपनी देवभूमि की संस्कृति, आस्था और संतुलन की रक्षा करना है। सभी अभियान शांतिपूर्ण और वैधानिक तरीके से चलाए जाएंगे।”
राज्य स्थापना की रजत जयंती पर काली सेना का यह संकल्प उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने की दिशा में एक नई पहल माना जा रहा है।




