


संवाददाता- संजय जोशी

स्थान- रानीखेत
उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष में रानीखेत जिला बनाए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। रानीखेत विकास समिति ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा घोषित रानीखेत सहित चार जिलों को शीघ्र अस्तित्व में लाने की मांग की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि लंबे समय से लंबित यह जनभावना दोबारा उपेक्षित रही तो जनता शांतिपूर्ण आंदोलन करने को बाध्य होगी।





विकास समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2011 में डॉ. निशंक सरकार ने रानीखेत को नया जिला घोषित कर जनता को नई उम्मीद दी थी, लेकिन 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह घोषणा धरातल पर नहीं उतर सकी। ज्ञापन में कहा गया कि जब प्रदेश अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब यह उचित समय है कि राज्य अपने अधूरे संकल्पों को पूरा करे, जिनमें नए जिलों का गठन भी शामिल है।


समिति ने कहा कि रानीखेत न केवल भौगोलिक रूप से उपयुक्त है, बल्कि ऐतिहासिक और रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे स्वतंत्र जिला बनाना जनता की सुविधा, अस्मिता और भावनाओं से जुड़ा विषय है।

रानीखेत विकास समिति ने यह भी निर्णय लिया है कि शुक्रवार को रानीखेत में मशाल जुलूस निकालकर जनभावना को प्रदर्शित किया जाएगा। समिति का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ संकल्प के साथ होगा।


ज्ञापन देने वालों में कांग्रेस नगर अध्यक्ष उमेश भट्ट, कुलदीप कुमार, मीडिया प्रभारी सोनू सिद्की, बार एसोसिएशन अध्यक्ष विजय पांडे, वरिष्ठ अधिवक्ता पी.सी. पांडे, भाजपा नेता गिरीश भगत, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भगवंत नेगी, कांग्रेस नेता अगस्त लाल साह, यूकेडी नेता राजेंद्र रौतेला, डॉ. बी.डी. पांडे, एडवोकेट नवीन पंत समेत कई गणमान्य नागरिक शामिल रहे।





