

स्थान: चंपावत
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

नेपाल सीमा से सटा लोहाघाट ब्लॉक का पंचेश्वर क्षेत्र, अपनी एंग्लिंग और गोल्डन महासीर मछली के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यहां देश-विदेश से पर्यटक एंगलिंग का आनंद लेने पहुंचते हैं। लेकिन अब यह पर्यटन स्थल लापरवाही का शिकार बनता जा रहा है।



पर्यटन विभाग ने लाखों रुपए की लागत से पंचेश्वर में एंग्लिंग बीट का निर्माण कराया था ताकि एंगुलरों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद आज तक बीट पर्यटकों के किसी काम की नहीं बन पाई है, क्योंकि वहां पानी की व्यवस्था तक नहीं की गई है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग ने बिना योजना के करोड़ों खर्च कर दिए, पर पानी जैसी मूलभूत सुविधा नहीं जोड़ी। नतीजा यह कि पर्यटक यहां रुक नहीं पाते और मायूस होकर लौट जाते हैं।



बीट की देखरेख कर रहे पीआरडी जवान हरीश बोरा ने बताया कि पर्यटक अक्सर यहां रुकने की जानकारी लेते हैं, लेकिन पानी न होने से उन्हें ठहरने की सुविधा नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी बताया कि आंधी में बीट की छत का कुछ हिस्सा उड़ चुका है, गेट नहीं लगा है और सुरक्षा के लिए चारों ओर जाली लगाने की भी जरूरत है, क्योंकि गुलदार अक्सर बीट के आसपास दिखता है।


स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से जल्द पानी और सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि विभाग सच में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहता है तो पंचेश्वर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी होगी। वरना यह लाखों की लागत से बनी एंग्लिंग बीट सिर्फ ‘सफेद हाथी’ बनकर रह जाएगी।



