

स्थान: चकराता, देहरादून
रिपोर्टर: इलाम सिंह चौहान

जनपद के जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर में इस बार दीपावली का उत्सव कुछ विशेष है। छत्रधारी चालदा महासू महाराज के दसोऊ गांव प्रवास के चलते खत पशगांव और कंडवाण खत में पांच दिवसीय नई दीपावली उत्सव की शुरुआत हो चुकी है।




परंपरा के अनुसार, जिस खत में महासू महाराज विराजमान होते हैं, उस खत के सभी गांव नई दीपावली मनाते हैं। इस बार खत पशगांव के करीब 15 गांवों में दीपोत्सव का उल्लास फैला हुआ है। ग्रामीण पारंपरिक होलीयात नृत्य प्रस्तुत कर रहे हैं और पूर्वजों की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखे हुए हैं।




स्याणा शूरवीर सिंह ने बताया कि इस बार सोमवार को छोटी दीपावली और मंगलवार को बड़ी दीपावली मनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पर्व जनजातीय संस्कृति, आस्था और एकता का प्रतीक है।

उन्होंने आगे बताया कि अगले माह छत्रधारी चालदा महासू महाराज हिमाचल प्रदेश के पशमी क्षेत्र के लिए प्रस्थान करेंगे, इसलिए ग्रामीण इस बार की दीपावली को विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मना रहे हैं।

जौनसार-बावर की यह दीपावली न केवल आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह जनजातीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर भी है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ती है।




