हरीश रावत का काफिला हादसे का शिकार, पूर्व मुख्यमंत्री बाल-बाल बचे

हरीश रावत का काफिला हादसे का शिकार, पूर्व मुख्यमंत्री बाल-बाल बचे

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत शनिवार शाम एक सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। यह हादसा दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मेरठ के एमआईईटी कॉलेज के सामने हुआ, जब उनकी कार आगे चल रही पुलिस एस्कॉर्ट से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इनोवा कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हरीश रावत पूरी तरह सुरक्षित हैं।

सूत्रों के मुताबिक, हरीश रावत अपने काफिले के साथ दिल्ली से देहरादून जा रहे थे। मेरठ सीमा पर पहुंचने के बाद उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट दी गई थी। शनिवार का दिन होने की वजह से हाईवे पर वाहनों का दबाव ज्यादा था। इसी दौरान, काफिला हूटर बजाते हुए आगे बढ़ रहा था कि अचानक एस्कॉर्ट वाहन ने ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रही हरीश रावत की गाड़ी चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई और एस्कॉर्ट कार से टकरा गई।

हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने मोर्चा संभाला। हरीश रावत को क्षतिग्रस्त वाहन से निकालकर काफिले की दूसरी कार में बैठाया गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र मिश्रा ने हरीश रावत से फोन पर बात की, जिसमें पूर्व सीएम ने स्वयं बताया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं।

एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने जानकारी दी कि एस्कॉर्ट वाहन के अचानक ब्रेक लगाने से यह हादसा हुआ। क्षतिग्रस्त कार को परतापुर पुलिस की मदद से टोयोटा एजेंसी में खड़ा कराया गया। इसके बाद पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री को मुजफ्फरनगर बॉर्डर तक सुरक्षित एस्कॉर्ट किया, जहां से वे देहरादून के लिए रवाना हुए।

हादसे के चलते कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा, लेकिन पुलिस ने स्थिति जल्द ही सामान्य कर दी। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि व्यस्त सड़कों पर वीआईपी काफिलों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।