


स्थान: चंपावत
रिपोर्ट: लक्ष्मण बिष्ट

जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता सांसद (लोकसभा) एवं भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री अजय टम्टा ने की।




बैठक में केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री टम्टा ने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए विभागों के बीच समन्वय (कन्वर्जेंस) सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग पारस्परिक सहयोग से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।


केंद्रीय मंत्री ने पिछली दिशा बैठक के निर्देशों की अनुपालना की समीक्षा करते हुए विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर उन्हें चंपावत में लागू (रेप्लिकेट) किया जाए। जिन ब्लॉकों में बेहतर कार्य हुए हैं, वहाँ विशेष कार्यक्रम आयोजित कर अन्य ग्राम पंचायतों को प्रेरित करने के भी निर्देश दिए गए।


बैठक के दौरान मंत्री टम्टा ने ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नया समन्वित तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा सिस्टम तैयार किया जाए जिससे ग्राम्य समस्याएँ सीधे संबंधित विभागों तक पहुँचे और बीडीसी बैठकों से पहले ही उन पर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में चंपावत बाईपास निर्माण में आ रही बाधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस पर मंत्री ने वन विभाग को आवश्यक भूमि के मुआवजा भुगतान को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना तेजी से आगे बढ़ सके।



इसके साथ ही उन्होंने जनपद में मिलेट्स (मोटा अनाज) को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। टम्टा ने शिक्षा और बाल विकास विभाग को निर्देशित किया कि मिलेट्स के पोषण संबंधी लाभों पर अनुसंधान (R&D) किया जाए तथा महिला समूहों के माध्यम से मिलेट्स से बने उत्पाद जैसे नमकीन, बिस्कुट आदि को प्रोत्साहन दिया जाए।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने विभागीय कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मंत्री को प्रस्तुत की।



