


रिपोर्टर: पंकज सक्सेना

हल्द्वानी (नैनीताल): शहर में इन दिनों फर्जी पत्रकारों का जाल तेजी से फैल रहा है। बताया जा रहा है कि कई लोग अपनी गाड़ियों पर “प्रेस” लिखकर अधिकारियों के कार्यालयों में बैठते हैं और खुद को पत्रकार बताकर रुतबा दिखाने और अवैध वसूली करने में जुटे हैं।




सूत्रों के अनुसार, इन तथाकथित पत्रकारों का सूचना विभाग में कोई पंजीकरण नहीं है, न ही किसी मान्यता प्राप्त मीडिया संस्थान से इनका संबंध है। ये लोग केवल फेसबुक पेज और मोबाइल कैमरा के सहारे खुद को पत्रकार बताते हैं और लोगों को गुमराह कर वसूली करते हैं।

जानकारी मिली है कि एक आईटीआई कर्मी ने सूचना महानिदेशक, जिलाधिकारी और सूचना निदेशक को पत्र भेजकर ऐसे फर्जी पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सूचना के अधिकार (RTI) के तहत इन व्यक्तियों के नाम, पहचान और उनकी आय के स्रोत की जानकारी भी मांगी गई है।


शहर में चर्चा है कि पूर्व में भी ऐसे फर्जी पत्रकारों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिन पर जुर्माना लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में सोशल मीडिया पत्रकारिता के नाम पर यह प्रवृत्ति फिर बढ़ गई है।
इन कथित पत्रकारों के बारे में शिकायतें हैं कि वे पुलिस विभाग या सरकारी दफ्तरों में गाड़ियों पर “प्रेस” का बोर्ड लगाकर रौब दिखाते हैं। चालान या जांच के दौरान पत्रकारिता की धमकी देते हैं और वीडियो बनाकर अवैध वसूली का प्रयास करते हैं।


शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से अपील की है कि सूचना विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार ही पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित की जाए, ताकि फर्जी पत्रकारों पर लगाम लगाई जा सके।

जनता से भी आग्रह किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति पत्रकार बनकर प्रभाव या धमकी दिखाता है, तो उसके बारे में सूचना विभाग से सत्यापन अवश्य कराएं और फर्जीवाड़े की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।



