करवा चौथ का पर्व आज, शाम 5:56 से 7:10 तक पूजा का शुभ मुहूर्त, 8:14 पर दिखेगा चांद

करवा चौथ का पर्व आज, शाम 5:56 से 7:10 तक पूजा का शुभ मुहूर्त, 8:14 पर दिखेगा चांद

देशभर में शुक्रवार को सुहागिनों का पवित्र व्रत करवा चौथ धूमधाम से मनाया जा रहा है। महिलाएं पति की दीर्घायु, सुख और समृद्धि की कामना करते हुए दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात 10 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर 10 अक्टूबर की शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। इसी कारण करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जा रहा है।

शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और चौथ माता की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। इस वर्ष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 56 मिनट से लेकर 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।

चंद्रमा के दर्शन का समय रात 8 बजकर 14 मिनट बताया गया है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में चांद निकलने का समय कुछ भिन्न रहेगा।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में चांद रात 8 बजकर 13 मिनट,
देहरादून में 8 बजकर 4 मिनट, जयपुर में 8 बजकर 22 मिनट,
जबकि मुंबई में 8 बजकर 55 मिनट पर चंद्रमा के दर्शन होंगे।

करवा चौथ की पूजा में महिलाएं लाल रंग के वस्त्र धारण करती हैं और चौथ माता की विधिवत पूजा करती हैं। पूजा स्थल पर मिट्टी का करवा पानी से भरकर रखा जाता है और भगवान को दीप, धूप, फल, मिठाई, कुमकुम, चावल व कर्पूर अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद महिलाएं चंद्रमा के दर्शन कर पति के हाथ से जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं।

पौराणिक मान्यता के अनुसार करवा चौथ व्रत की कथा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा द्रौपदी को और भगवान शिव द्वारा माता पार्वती को सुनाई गई थी। कहा जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से पति की आयु बढ़ती है और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।


पूजन मंत्र:

  • श्री गणेश: ॐ गणेशाय नमः
  • भगवान शिव: ॐ नमः शिवाय
  • माता पार्वती: ॐ शिवायै नमः
  • कार्तिकेय: ॐ षण्मुखाय नमः
  • चंद्रमा: ॐ सोमाय नमः

करवा माता की आरती:
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी। यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती। दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।। ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे। गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।। ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे। व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।। ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।