

रिपोर्ट – राजू सहगल।
लोकेशन – किच्छा /पंतनगर।


उधम सिंह नगर। किच्छा विधानसभा अंतर्गत नगला नगर पालिका क्षेत्र में अतिक्रमण से प्रभावित भूमि के चिन्हीकरण को लेकर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने प्रशासनिक टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य भूमि से जुड़े विवादों को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से निस्तारित करना है।



उच्च स्तरीय समिति का गठन:
नगर पालिका क्षेत्र में अतिक्रमण का अध्ययन करने के लिए शासन स्तर पर उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। समिति की अध्यक्षता कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत कर रहे हैं। इसमें जिलाधिकारी उधम सिंह नगर, वन अधिकारी, अधीक्षण अभियंता और लोक निर्माण विभाग के सदस्य शामिल हैं।


निरीक्षण में उठाए गए कदम:
कमिश्नर ने स्थल का अवलोकन करते हुए अभिलेखों और तथ्यों का संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि नगला में अतिक्रमण प्रभावित भूमि पर निर्माण विभाग, वन विभाग और अन्य विभागों की भूमि पर कब्जे के मामले सामने आए हैं। वर्ष 1960 में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए गए चालान के अनुसार मुख्य सड़क के दोनों तरफ 50-50 फुट भूमि को सड़क का हिस्सा माना जाएगा।


आगे की कार्रवाई:
सड़क के दोनों तरफ 50-50 फुट भूमि के दायरे में आने वाले सभी भवनों को अतिक्रमण माना जाएगा और इसके अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।


निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी:
जिलाधिकारी नितिन भदोरिया, वन अधिकारी यू. सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, गौरव पांडे और तहसीलदार गिरीश चंद्र त्रिपाठी सहित तमाम विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

कुमाऊं कमिश्नर ने सभी को निर्देश दिए कि अतिक्रमण से संबंधित सभी मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की जाए ताकि भूमि विवाद का स्थायी समाधान निकल सके।



