अल्मोड़ा में 3 से 7 अक्टूबर तक पांच दिवसीय सहकारी मेला

अल्मोड़ा में 3 से 7 अक्टूबर तक पांच दिवसीय सहकारी मेला

रिपोर्ट : हरीश भण्डारी

स्थान : अल्मोड़ा

अल्मोड़ा: जिले के सिमकनी मैदान में 3 से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले पांच दिवसीय सहकारी मेले की तैयारियों को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री और अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा ने सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में जिले और ग्रामीण क्षेत्रों की सहकारिता योजनाओं की समीक्षा की गई और मेले को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई गई।

अजय टम्टा ने कहा कि यह मेला केवल प्रदर्शनी का माध्यम नहीं बल्कि किसानों, महिला समूहों, और स्थानीय हस्तशिल्पियों के लिए अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बिक्री करने का अवसर भी होगा। उन्होंने कहा कि इस मेले में “लोकल टू वोकल” उत्पादों को विशेष रूप से प्रमोट किया जाएगा, ताकि स्थानीय उत्पादन और स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित की जाए। टम्टा ने यह भी कहा कि मेले में सहकारी समितियों, महिला SHG समूहों और स्थानीय उद्यमियों को ज्यादा से ज्यादा सहभागिता का मौका दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके।

साथ ही, उन्होंने मेला स्थल पर आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और प्रदर्शकों की सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मेला के दौरान आगंतुकों और प्रतिभागियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था रहेगी, जिससे यह आयोजन सहज और आकर्षक बने।

अल्मोड़ा जिले में इस प्रकार का सहकारी मेला ग्रामीण विकास और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। इस मेला में भाग लेने वाले किसानों, महिला समूहों और हस्तशिल्पियों को अपने उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ अनुभव साझा करने और नेटवर्क बनाने का भी अवसर मिलेगा।

विशेष रूप से:

  • मेले में कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प और ग्रामीण उद्यमिता के उत्पादों की प्रदर्शनी होगी।
  • केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने सभी विभागों से मिलकर मेले के सुचारू संचालन की योजना बनाई।
  • मेले के दौरान स्थानीय संस्कृति, रोजगार और सहकारी समितियों के योगदान को उजागर किया जाएगा।

अल्मोड़ा सांसद ने कहा कि यह मेला न केवल ग्रामीण विकास का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्पियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मेला आकर्षक, व्यवस्थित और प्रतिभागियों के लिए सुविधाजनक हो।

संपूर्ण योजना के तहत, मेले में स्थानीय व्यंजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस प्रकार, 3 से 7 अक्टूबर तक होने वाला सहकारी मेला अल्मोड़ा जिले में ग्रामीण उत्पादन और सहकारी संस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।