

रिपोर्ट : नसीम अहमद
स्थान : अल्मोड़ा


उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर अल्मोड़ा कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने आयोग के कर्मचारियों को बदलने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।


विधायक तिवारी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में पेपर लीक की घटनाएं अब आम हो चुकी हैं, लेकिन सरकार चुपचाप तमाशा देख रही है। उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं हो रहा और हर बड़ी परीक्षा से पहले पेपर लीक की खबरें आती हैं। उन्होंने इसे बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया।



मनोज तिवारी ने कहा कि नकल विरोधी कानून बनने के बाद भी भाजपा सरकार में उनके कार्यकर्ता कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेपर लीक के लगातार बढ़ रहे मामलों के बावजूद आयोग के कर्मचारियों को अब तक नहीं बदला गया है।



उन्होंने सरकार से तीन मुख्य मांगें की हैं— आयोग के सभी कर्मचारियों को बदलना, पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच करना और इस परीक्षा को रद्द कर नया पेपर आयोजित करना। तिवारी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती है तो कांग्रेस आंदोलन के लिए मजबूर होगी।


