

स्थान:- जसपुर

रिपोर्टर:- भूपेंद्र सिंह पन्नू


जसपुर की राजनीति एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के आमने-सामने आने से गरमा गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. शैलेन्द्र मोहन सिंघल ने अपने कार्यालय पर एक प्रेस वार्ता कर कांग्रेस और स्थानीय विधायक आदेश सिंह चौहान पर तीखा हमला बोला।

डॉ. सिंघल ने कल कांग्रेस द्वारा निकाली गई जन आक्रोश रैली को पूरी तरह विफल करार देते हुए कहा कि

“यह कोई जन आक्रोश रैली नहीं थी, बल्कि विधायकी बचाने की कवायद थी। कांग्रेस अब जसपुर में अपनी जमीन खिसकती देख घबराई हुई है और जनता को गुमराह करने में जुटी है।”

कांग्रेस विधायक पर गंभीर आरोप
पूर्व विधायक ने विधायक आदेश चौहान पर जनता को भ्रमित करने और बेबुनियाद बयानबाज़ी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस केवल विकास के नाम पर राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि

“जब प्रदेश में 2014 में हरीश रावत की कांग्रेस सरकार थी, तब मुख्यमंत्री ने मेरे जन्मदिवस पर स्टेडियम की सौगात दी थी, लेकिन इतने वर्षों में आज तक न स्टेडियम बना, न रोडवेज अड्डा, न पॉलिटेक्निक कॉलेज।”


विकास के नाम पर केवल वादे
डॉ. सिंघल ने कहा कि जसपुर के लोग अब समझ चुके हैं कि हर बार चुनाव नज़दीक आते ही कांग्रेस और उसके नेता सिर्फ वादों की झड़ी लगाते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि
“लगता है 2027 के चुनाव में भी यही दो वाक्य गूंजेंगे — ‘सरकार आई तो स्टेडियम देंगे, रोडवेज अड्डा बनाएंगे।’”
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को बने 25 साल हो गए, लेकिन जसपुर जैसी विधानसभा में अभी तक मूलभूत सुविधाएं भी नहीं पहुंच पाई हैं। इसके लिए दोनों दलों को आत्ममंथन करना चाहिए।

राजनीतिक सरगर्मी तेज
जैसे-जैसे 2027 के चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, जसपुर की सियासत में टकराव तेज होता जा रहा है। एक ओर कांग्रेस विधायक विकास के दावे कर रहे हैं, तो दूसरी ओर भाजपा नेता जनता को गुमराह करने का आरोप लगा रहे हैं।


