

रिपोर्ट सुनील बोरा

स्थान नैनीताल

कुमाऊँ विश्वविद्यालय से जुड़े कैंपसों और महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनावी बिगुल पूरी तरह से बज चुका है। आगामी 27 सितंबर को होने वाले इन चुनावों ने कॉलेज परिसरों में जबरदस्त चुनावी हलचल पैदा कर दी है। दो वर्षों के अंतराल के बाद हो रहे इन छात्र संघ चुनावों को लेकर छात्रों में जहां उत्साह चरम पर है, वहीं छात्र नेता भी अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए चुनावी मैदान में उतर चुके हैं।



नैनीताल कैंपस में निकली रैली, दिखा चुनावी जोश
कुमाऊँ विश्वविद्यालय के नैनीताल मुख्य परिसर में चुनावी गतिविधियां चरम पर हैं। विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े छात्र नेताओं ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए बड़ी रैली का आयोजन किया। इस दौरान नेताओं ने छात्रों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपने मताधिकार का सही उपयोग करें और योग्य उम्मीदवार को चुनें।



छात्र नेताओं ने यह भी दावा किया कि चुनाव में जीत हासिल करने के बाद वे छात्रों की हर समस्या को प्रमुखता से उठाएंगे और उनके समुचित समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।

महासंघ अध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर
इस बार न केवल कैंपस अध्यक्ष पद, बल्कि महासंघ अध्यक्ष पद के लिए भी चुनावी मैदान बेहद गर्म है। प्रत्याशी छात्रों से सीधा संवाद कर रहे हैं, उनके बीच जा कर समर्थन मांग रहे हैं और अपने-अपने एजेंडे को सामने रख रहे हैं।

महासंघ अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आशीष कबड़वाल ने अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि वे छात्रों के हित में कार्य करने के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं और उनका उद्देश्य छात्र राजनीति को एक सकारात्मक दिशा देना है।


प्रशासन की सख्ती: शांति और पारदर्शिता प्राथमिकता में
छात्र संघ चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कुमाऊँ विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए हैं:

- बाहरी अराजक तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
- कैंपस और कॉलेज परिसरों में अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाए गए हैं।
- पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है।
- छात्रों और प्रत्याशियों को लिंगदोह समिति की सिफारिशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।


