

रिपोर्टर सुनील सोनकर

स्थान: मसूरी

हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश ने मसूरी और इसके आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। बारिश के कारण कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, सड़कों पर मलबा जमा है, और विद्युत आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।


इस गंभीर स्थिति के मद्देनज़र पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी के नेतृत्व में एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी वार्डों के सभासदों और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने अपने-अपने वार्डों में हुए नुकसान की रिपोर्ट पेश की।



दो दिवसीय मूल्यांकन टीम का गठन:
पालिकाध्यक्ष ने राहत कार्यों को व्यवस्थित और तेज़ करने के लिए एक दो दिवसीय मूल्यांकन टीम के गठन की घोषणा की, जो प्रत्येक वार्ड का सर्वेक्षण कर नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
अतिक्रमण पर सख्ती:
मीरा सकलानी ने बैठक में स्पष्ट किया कि राहत कार्य केवल पालिका की संपत्ति पर किए जाएंगे। निजी जमीनों या अवैध निर्माणों को किसी प्रकार की सहायता नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि खासकर वार्ड नंबर 6 में पालिका की जमीन पर हुए अतिक्रमण अब आपदा की चपेट में हैं, और ऐसे सभी अतिक्रमणों को जल्द हटाया जाएगा।

बिजली आपूर्ति और कर्मचारियों को निर्देश:

- झड़ीपानी-कोल्हूखेत और देहरादून-मसूरी मार्ग की विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल करने की बात कही गई है।
- पालिका कर्मचारियों को रविवार को भी ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति का तुरंत समाधान किया जा सके।


डंपिंग स्टेशन और प्राथमिकता वाले क्षेत्र:
पालिका द्वारा मसूरी में एक स्थायी डंपिंग स्टेशन बनाने की योजना को भी अब गति दी जा रही है, ताकि भविष्य में राहत कार्य अधिक प्रभावी हो सकें।


सभासदों की मांग और निर्णय:
बैठक में कई सभासदों ने बताया कि उनके वार्डों में पुश्ते गिर चुके हैं, मकानों को खतरा है, और सड़कों पर मलबा जमा है। सभी की सहमति से यह तय किया गया कि राहत कार्यों की शुरुआत झड़ीपानी वार्ड से की जाएगी, जो सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।


