

लोकेशन -रुड़की

संवाददाता -अश्वनी उपाध्याय

रुड़की सिविल अस्पताल में लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय के बाद अस्पताल में आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) की सुविधा दोबारा शुरू कर दी गई है। इस नई सुविधा से आसपास के क्षेत्रों के गंभीर रोगियों को अब तत्काल इलाज मिल सकेगा, जिससे उन्हें निजी अस्पतालों की ओर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी।



आईसीयू वार्ड की शुरुआत पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व आम जनता ने अस्पताल प्रबंधन की सराहना की। लोगों ने उम्मीद जताई कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार आएगा।

7 बेड का आईसीयू, मरीजों की भर्ती शुरू
अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रजत सैनी ने जानकारी दी कि प्रारंभिक चरण में 7 बेड का आईसीयू वार्ड तैयार किया गया है, और मरीजों की भर्ती शुरू हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में एक गंभीर स्थिति के मरीज को रात्रि के समय उपचार देकर बचाया गया, जिससे इस सुविधा की अहमियत और साबित होती है।


स्टाफ की कमी जल्द होगी दूर
अस्पताल के सीएमएस डॉ. ए.के. मिश्रा ने बताया कि यह आईसीयू वार्ड काफी समय से बंद था, जिसे अब दोबारा शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि डीजी स्वास्थ्य कार्यालय को स्टाफ की कमी को लेकर पत्राचार किया गया है, और जल्द ही चिकित्सीय स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।


डेंगू से बचाव के लिए तैयार डेंगू वार्ड
डॉ. मिश्रा ने यह भी जानकारी दी कि डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अस्पताल में विशेष डेंगू वार्ड भी तैयार किया गया है, जहां संदिग्ध व पुष्ट मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इससे संक्रमण फैलने की संभावना को नियंत्रित किया जा सकेगा।

जनता को बड़ी राहत
आईसीयू शुरू होने से रुड़की सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को गंभीर स्थिति में बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा। पहले आईसीयू सुविधा के अभाव में मरीजों को मेरठ या देहरादून रेफर करना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी।



