

स्थान-रानीखेत



कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने आज रानीखेत क्षेत्र का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए हाल ही में उत्तराखंड में आई प्राकृतिक आपदा को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।


श्री टम्टा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा राज्य में आपदा से हुए नुकसान का आकलन लगभग ₹20,000 करोड़ किया गया है, जबकि केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में मात्र ₹5,200 करोड़ की राशि की मांग की गई है। उन्होंने इसे सरकार की निष्क्रियता और जनहित के प्रति लापरवाही बताते हुए प्रदेश सरकार को “सोई हुई सरकार” की संज्ञा दी।


टूटी पुलिया का स्थलीय निरीक्षण, डीएम से की बात
अपने दौरे के दौरान पूर्व सांसद ने रानीखेत-रामनगर मोटर मार्ग पर स्थित ब्लॉक मुख्यालय के पास टूटी हुई पुलिया का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुलिया की मरम्मत नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी अल्मोड़ा से फोन पर वार्ता कर पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की।


स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जताई चिंता
पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह रावत ने भी पुल की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए कहा कि पुल टूटने से ताड़ीखेत ब्लॉक का लगभग 50% क्षेत्र मुख्यालय से कट गया है, जिससे खासकर विद्यार्थियों, महिलाओं, मरीजों और दैनिक यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण और शीघ्र पुल निर्माण की मांग की ताकि आम जनजीवन सामान्य हो सके।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्यजन
पत्रकार वार्ता के दौरान कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
क्षेत्र पंचायत सदस्य रचना रावत

पूर्व जिलाध्यक्ष महेश आर्या
कोऑर्डिनेटर कुलदीप कुमार
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पिथौरागढ़ मुकेश पंत
पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष यतीश रौतेला

मीडिया प्रभारी सोनू सिद्दीकी महेंद्र सिंह रावत, जीतन जयाल, उमा शंकर रावत, कमल रावत, किशोर आर्या, सुरेश आर्या आदि शामिल रहे।


