

स्थान-चमोली उत्तराखंड

संवाद्दाता-नीरज कंडारी



भारत सरकार की अंतरमंत्रालयीय टीम ने सोमवार को चमोली जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई एवं स्थलीय सर्वेक्षण कर आपदा से हुई क्षति का विस्तृत आकलन किया। टीम का नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्रालय के निदेशक डॉ. वीरेन्द्र सिंह कर रहे थे। उनके साथ विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी जैसे अनु सचिव शेर बहादुर, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार भी शामिल रहे।




टीम ने थराली के चेपड़ो, कोटडीप, राड़ीबगड़, देवाल के मोपाटा और नंदानगर क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया और भू-धसाव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायज़ा लिया। सड़क मार्ग से भी टीम ने कई क्षतिग्रस्त स्थानों का निरीक्षण किया।

कुलसारी रिलीफ सेंटर में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने पीपीटी के माध्यम से विभागीय परिसंपत्तियों को हुई क्षति की विस्तृत जानकारी टीम को दी। उन्होंने बताया कि लगातार वर्षा एवं भूस्खलन से सड़कों, पुलों, भवनों, विद्युत एवं जल आपूर्ति तंत्र और कृषि को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार जनपद को लगभग 1150 करोड़ रुपये की विभागीय परिसंपत्तियों की क्षति हुई है।

टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों का संपर्क मार्गों से कट चुका है, कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, और कई परिवारों को अस्थायी शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।
टीम ने आपदा प्रबंधन कार्यों में प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की तत्परता की सराहना की। साथ ही राहत, पुनर्वास, राशन, चिकित्सा सुविधाओं और मार्ग बहाली के कार्यों की जानकारी भी ली।

डॉ. वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि दौरे का मुख्य उद्देश्य वास्तविक क्षति का आकलन कर केंद्र सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत करना है, ताकि जल्द से जल्द पुनर्निर्माण और सहायता के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें। टीम द्वारा तैयार की जा रही रिपोर्ट के आधार पर पुनर्वास, बुनियादी ढांचे की बहाली और दीर्घकालिक सुरक्षा उपायों को लागू किया जाएगा।


इस अवसर पर थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पवार, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, एसडीएम सोहन सिंह रांगण व पंकज भट्ट, सहित सभी विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


