भाद्रपद चंद्र ग्रहण के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में शुद्धिकरण पश्चात पुनः खुले कपाट

भाद्रपद चंद्र ग्रहण के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में शुद्धिकरण पश्चात पुनः खुले कपाट

स्थान-बदरीनाथ धाम

संवाद्दाता-संजय कुंवर

भाद्रपद मास में लगे चंद्र ग्रहण के समापन के साथ ही श्री बद्रीनाथ धाम, श्री केदारनाथ धाम सहित बीकेटीसी (बदरी-केदार मंदिर समिति) के अधीन सभी मंदिरों के श्री द्वार आज ब्रह्म मुहूर्त में शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ पुनः खोल दिए गए।

ग्रहण काल की समाप्ति के पश्चात श्री बद्रीनाथ मंदिर के श्री द्वारों का विधिपूर्वक गंगाजल, धूप, दीप एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुद्धिकरण किया गया। शुद्धिकरण के पश्चात मंदिर के कपाट खोले गए, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान श्री बदरीविशाल के प्रातः कालीन मंगलदर्शन किए।

इसी प्रकार श्री केदारनाथ धाम में भी ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र स्नान, शुद्धिकरण और अभिषेक के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। श्री हरि नारायण प्रभु का अभिषेक पूजन कर मंदिर में नित्य नियमित पूजा-अर्चना की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई।

ग्रहण की समाप्ति के साथ ही “भूमि बैकुंठ” कहे जाने वाले श्री बद्रीनाथ धाम में पुनः रौनक लौट आई, और श्रद्धालुओं की आस्था से मंदिर परिसर एक बार फिर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। मंदिर समिति के अनुसार बीकेटीसी के अधीन सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट भी शुद्धिकरण के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद रखना और ग्रहण समाप्ति के पश्चात शुद्धिकरण के बाद ही दर्शन प्रारंभ करना आवश्यक होता है। इस परंपरा का पालन करते हुए समस्त प्रक्रिया विधिपूर्वक संपन्न कराई गई।