लक्सर में चंद्र ग्रहण के दौरान भक्ति में लीन रहे श्रद्धालु, पूजा-पाठ और यज्ञ का आयोजन

लक्सर में चंद्र ग्रहण के दौरान भक्ति में लीन रहे श्रद्धालु, पूजा-पाठ और यज्ञ का आयोजन

स्थान-लक्सर

संवाद्दाता-रामगोपाल

चंद्र ग्रहण के अवसर पर देशभर की तरह लक्सर में भी लोगों ने धार्मिक आस्था के साथ पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और यज्ञ का आयोजन किया। यह चंद्र ग्रहण रात 9:58 बजे शुरू होकर तड़के 1:26 बजे तक दिखाई देगा, जिसकी कुल अवधि लगभग 3 घंटे 28 मिनट है।

पंडितों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, चंद्र ग्रहण का हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है। ग्रहण के दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए, जो शास्त्रीय परंपरा का हिस्सा है। ग्रहण काल के दौरान भगवान के मंत्रों का जाप, ध्यान, और साधना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना, पवित्र वस्त्र धारण करना और दान-पुण्य करना शुभ माना गया है। स्थानीय लोगों ने भी इन धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए श्रद्धा के साथ यज्ञ, मंत्रोच्चार और हवन किए।

ज्योतिषियों ने चेतावनी दी है कि ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य नहीं करने चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ समय माना जाता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ग्रहण को नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे नेत्रों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चंद्र ग्रहण के समय व्यक्ति को मानसिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए तथा सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने हेतु ध्यान और साधना पर ध्यान देना चाहिए।

लक्सर में इस अवसर पर लोगों की धार्मिक श्रद्धा और सक्रियता ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि परंपराएं आज भी लोगों के जीवन में गहराई से जुड़ी हुई हैं।